छत्तीसगढ़ में व्यक्ति परिचय – पं. माधवराव सप्रे

madhavrao sapre freedom fighter पं. माधवराव सप्रे महान पत्रकार, विचारक, लेखक तथा स्वतंत्रता सेनानी थे. उनका जन्म मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पथरिया नामक ग्राम में 19 जून सन् 1871 ई. को हुआ था. उनके पिताजी का नाम कोडोपंत तथा माताजी का नाम श्रीमती लक्ष्मीबाई था. उनके पिताजी बिलासपुर आकर बस गए. हाईस्कूल की शिक्षा…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-7 शरभपुरीय वंश )

Chhattisgarh history notes –  about sharabhpuriya vansh संस्थापक :- शरभराज – शरभपुर आधुनिक सारंगढ़ ( शरभपुरीय वंश का शासनकाल 475 से 590 तक था।) इनका शासन काल ईसा के 6 वीं शताब्दी में था । इस वंश को अमरार्य / अमरज कुल भी कहा जाता था। इस वंश के लेख सम्बलपुर(ओडिशा) से प्राप्त अतः इतिहास…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-6 नल वंश )

Chhattisgarh history notes – About Naal Vansh इस वंश के संस्थापक शिशुक (290-330 ई.) था , परन्तु वास्तविक संस्थापक वराहराज (330-370ई.) को माना जाता है। नल वंश का शासन छत्तीसगढ़ में 5 -12 ई. तक था। इनका शासन क्षेत्र बस्तर ( कोरापुट – वर्त्तमान कांकेर ) था, तथा इनकी राजधानी पुष्करी (वर्त्तमान : भोपालपट्टनम –…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-5 राजर्षि तुल्य वंश )

Chhattisgarh history notes – about rajshree tulya vansh राजर्षि तुल्य वंश ( सुर वंश ):-  राजर्षि तुल्य वंश ने दक्षिण कोशल पर 5 वीं 6 वीं शताब्दी तक शासन किया था,इस वंश की स्थापना शुर ने की थी इसलिए इसे सुर वंश भी कहा जाता है । इनका राजचिन्ह – गजलक्ष्मी और राजधानी – आरंग…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-4 गुप्तकाल काल )

chhattisgarh history notes in hindi – gupt kaal गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त (400 ई.) के दरबारी कवि हरिषेण की प्रयाग प्रशस्ति में समुद्रगुप्त के दक्षिण भारत के धर्मविजय अभियान का उल्लेख है . इस अभियान के दौरान समुद्रगुप्त ने दक्षिण कोसल के शासक महेंद्र एवं महाकान्तार ( बस्तर क्षेत्र ) के शासक व्याघ्र्राज को परास्त किया…


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