छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-10 नागवंश )

Chhattisgarh history notes –  about naag vansh छत्तीसगढ़ में नागवंश की दो शाखाओं का उल्लेख मिलता है :- कवर्धा में फणिनाग वंश  बस्तर में छिंदकनाग वंश  बस्तर में छिंदकनाग वंश :- बस्तर का प्राचीन नाम “चक्रकूट” तो कई उसेे “भ्रमरकूट” कहते हैं।यहाँ नागवंशियों का शासन था। नागवंशी शासकों को सिदवंशी भी कहा जाता था। चक्रकोट…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-7 शरभपुरीय वंश )

Chhattisgarh history notes –  about sharabhpuriya vansh संस्थापक :- शरभराज – शरभपुर आधुनिक सारंगढ़ ( शरभपुरीय वंश का शासनकाल 475 से 590 तक था।) इनका शासन काल ईसा के 6 वीं शताब्दी में था । इस वंश को अमरार्य / अमरज कुल भी कहा जाता था। इस वंश के लेख सम्बलपुर(ओडिशा) से प्राप्त अतः इतिहास…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-6 नल वंश )

Chhattisgarh history notes – About Naal Vansh इस वंश के संस्थापक शिशुक (290-330 ई.) था , परन्तु वास्तविक संस्थापक वराहराज (330-370ई.) को माना जाता है। नल वंश का शासन छत्तीसगढ़ में 5 -12 ई. तक था। इनका शासन क्षेत्र बस्तर ( कोरापुट – वर्त्तमान कांकेर ) था, तथा इनकी राजधानी पुष्करी (वर्त्तमान : भोपालपट्टनम –…


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