छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-09 सोमवंश )


Chhattisgarh history notes –  about som vansh

सोम वंश का शासन छत्तीसगढ़ के कांकेर राज्य में 1125 ई. से 1344 ई. तक था। सिंहराज इस वंश के संस्थापक थे। कुछ इतिहास कार द्वारा माना जाता है की सोम वंश पाण्डु वंश की एक शाखा थी, जो कालांतर में सोमवंश के रूप में कांकेर में स्थापित हुई थी।

शिवगुप्त इन राज्य वंश का पहला प्रतापी शासक था . उसके बाद जन्मेजय महाभवगुप्त प्रथम कोशल का राजा हुआ , जिससे इस राजवंश की प्रतिष्ठा बढ़ी उसने उडीसा को जीता और ” त्रिकलिंग का अधिपति ” कहलाया ।

दक्षिण के राजा राजेन्द्र चोल ने इस क्षेत्र पर आक्रमण क्र कोसल तथा उत्कल को अपने अधिपत्य में ले लिया बाद में परवर्ती सोमवंशी शासक महाशिव गुप्त में अपने राज्य क्षेत्र को पुनः प्राप्त किया ।

11 वीं. सदी मे तुम्माण के कलचुरियों एवं उड़ीसा के शासक अनंतवर्मन चोडगंग द्वारा सोमवंश के शासकों को परास्त के उनके क्षेत्रों पर अधिकार क्र लिया गया ।

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