भारतीय पत्रकारिता के अनमोल रत्न ‘श्री कुलदीप नैयर’ का निधन


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श्री कुलदीप नैयर का निधन हो गया उनका निधन 23 अगस्त 2018 को दिल्ली में हुआ उनका सम्बन्ध पत्रकारिता से था वह एक गंभीर चिन्तक और लेखक थे। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ थी। उनकी अनेक पुस्तकें भी प्रकाशित हुईं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने देश के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्य सभा सांसद श्री कुलदीप नैयर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। डाॅ. सिंह ने आज सवेरे राजधानी रायपुर में जारी शोक संदेश में कहा है कि श्री कुलदीप नैयर भारतीय पत्रकारिता के अनमोल रत्नों में से थे।

प्रमुख्य बातें —

  1. कुलदीप नायर का जन्म 14 अगस्त 1923 में सियालकोट (पाकिस्तान) में हुआ उनकी लेखन में विशेष रूचि थी | ‘बियॉन्ड द लाइन्स’, ‘इंडिया आफ्टर नेहरू’ और ‘इमरजेंसी रिटोल्ड’ सहित 15 किताबें लिख चुके हैं।
  2. वह अभिव्यक्ति की आजादी के प्रबल पक्षधर थे इसके चलते उन्हें वर्ष 1975-77 के आपातकाल के दौरान जेल भी जाना पड़ा। वर्ष 1990 में इंग्लैण्ड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति हुई, जहां उन्होंने अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। तथा साथ ही 1997 में राज्यसभा सांसद भी रहे।
  3. उन्होंने 1948 में उर्दू के समाचार पत्र ‘अंजाम’ से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्रियों गोविंद बल्लभ पंत और लाल बहादुर शास्त्री के प्रेस सूचना ब्यूरो में बतौर प्रेस अधिकारी भी काम किया। वह यूएनआई के संपादक और प्रबंध निदेशक भी रहे और ‘द स्टेट्समैन’ के संपादक भी रहे। उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’, ‘द टाइम्स’, ‘द स्पेक्टेटर’ और ‘ईवनिंग स्टार’ में भी काम किया।
  4. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने देश के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व राज्य सभा सांसद श्री कुलदीप नैयर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। डाॅ. सिंह ने आज सवेरे राजधानी रायपुर में जारी शोक संदेश में कहा है कि श्री कुलदीप नैयर भारतीय पत्रकारिता के अनमोल रत्नों में से थे।

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