नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव में हेलीकॉप्टर व ड्रोन से मॉनिटरिंग होगी


छत्तीसगढ़ प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार हेलीकॉप्टर व ड्रोन का उपयोग नक्सली गतिविधि की मॉनिटरिंग करने के लिए किया जायेगा इससे चुनाव के समय में होने वाली नक्सली समस्या पर रोकधाम की जा सके| नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 2853 मतदान केंद्रों में 200 केंद्र ऐसे है जो नक्सली समस्या से प्रभावित है और जहाँ शांतिपूर्ण मतदान कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है| इस बार के चुनाव में दो सौ कंपनी अतिरिक्त फोर्स की मांग भी की है। आइजी बस्तर ने पुलिस मुख्यालय को अर्द्धसैन्य बलों की 700 कंपनी की मांग भेजी है।

 

नक्सली क्षेत्रों के चुनाव बूथों में पोलिंग पार्टियों को पहुंचाने के लिए पिछले वर्षों के चुनावों की अपेक्षा अधिक संख्या में जवानों को लगाया गया है  साथ साथ नक्सली वारदात से बचने के लिए बम डिस्पोजल यूनिट, मानवरहित टोही विमान (यूएवी) उपयोग भी किया जा रहा है। मतदान से एक महीने पहले से नक्सल इलाकों में आसमान से नजर रखी जाएगी। बस्तर में चुनाव के लिए आधा दर्जन हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सर्किट हाउस में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने को लेकर एसपी और आइजी की बैठक ली।

 

नक्सली क्षेत्रों में वाहनों का उपयोग कम ही किया जायेगा यहाँ 20 से 30 किलोमीटर की दूरी पर आने वाले पोलिंग बूथों पर पोलिंग पार्टी को पैदल लेकर जाएंगे ताकि नक्सली वारदात से बचा जा सके| प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ, बीएसएफ और राज्य पुलिस के तकरीबन 45000 बल को लगाया गया है ये सभी जवान नक्सली प्रभावित 7 जिलों में तैनात किये गए है  साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 550 कंपनी और 500 गाडियां चुनाव की गतिविधि में लगाए गए थे|

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