छत्तीसगढ़ प्रदेश की बॉयोफ्यूल परियोजना की सफलता


 

छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रदेश के उन्नति हेतु तथा जैविक ईंधन के रखरखाव हेतु बॉयोफ्यूल का उपयोग किया जा रहा है| इसके तहत छत्तीसगढ़ में बायोफ्यूल का निर्माण किया जा रहा है हाल में छत्तीसगढ़ में निर्मित बायोफ्यूल का उपयोग देहरादून से दिल्ली के बीच स्पाइस जेट के विमान में किया गया इसके साथ ही छत्तीसगढ़ प्रदेश की बायोफ्यूल परियोजना को एक नई दिशा भी मिल गई| केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छत्तीसगढ़ बॉयोफ्यूल अथॉरिटी के परियोजना अधिकारी सुमित सरकार से परियोजना की रिपोर्ट मांगी है। परियोजना रिपोर्ट तैयार हैं जो सप्ताह भीतर केंद्र को भेजी जाएगी।

प्रमुख्य बातें –

  1. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2018 को जैव नीति की शुरुवात की थी इसके तहत देश के विभिन्न राज्य जैव परियोजना को आरम्भ कर चुके है छत्तीसगढ़ प्रदेश में जैव परियोजना हेतु 13 वर्षों से कार्य चल रहा है तथा दो साल पहले छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल अथारिटी ने देहरादून स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम रिसर्च से एमओयू किया था। छत्तीसगढ़ में जेट्रोपा के बीज से ऑयल निकालने का एक प्लांट भी है। इसी प्लांट से निकले ऑयल को देहरादून में रिफाइन किया गया।
  2. छत्तीसगढ़ की बॉयोफ्यूल परियोजना को पहली बार 2006-07 में सफल हुई थी साथ ही साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह के कार में कई वर्षों तक बायोफ्यूल का ही उपयोग किया गया इसके साथ ही लोकल ट्रेनों को भी बायोफ्यूल से चलने का प्रयास हो रहा है|

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