राज्य विधानमंडल(भारतीय संविधान भाग छठा)

संविधान के अनुच्छेद 168 के अनुसार प्रत्येक राज्य का एक विधानमंडल होगा, जो राज्यपाल, विधानसभा एवं विधानपरिषद (यदि विधानपरिषद हो तो) से मिलकर बनेगा। कुछ राज्यों में केवल एक सदन ही बनाया गया है। जिन राज्यों में दो सदन हैं- वहां के ऊपरी सदन को विधानपरिषद तथा निम्न सदन को विधानसभा कहा जाता है। अनुच्छेद…


मंत्रिपरिषद एवं मुख्यमंत्री (संविधान का छठा भाग)

संविधान के अनुच्छेद 163(1) के अनुसार, राज्यपाल के विवेकी कार्यों में को छोड़कर,उसे अन्य कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा। अनुच्छेद 163(2) के अनुसार, राज्यपाल द्वारा अपने विवेक से किये गये कार्यों पर यह प्रश्न नहीं उठेगा कि ऐसा करना उसके विवेकाधिकार में नहीं था। पुन: अनुच्छेद…


भारत का राज्यपाल – सम्पूर्ण विवरण

संविधान के अनुसार,भारत राज्यों का एक संघ है| भारतीय प्रशासन की एक विशेषता यह है कि संघ तथा राज्यों के स्तर पर संसदीय शासन प्रणाली स्थापित की गई है| जिस प्रकार भारतीय संघ की कार्यप्रणाली का मुखिया राष्ट्रपति है, उसी प्रकार राज्यों की कार्यकारणी का प्रधान राज्यपाल है| राष्ट्रपति की भांति राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता…


राष्ट्रपति की न्यायिक शक्तियां [Judicial powers of president of india]

राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं| संविधान के अनुच्छेद 72 के अनुसार उन्हें किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, उसका प्रतिलंबन , विराम  या परिहार करने अथवा दंडादेश के निलंबन,परिहार या लघुकरण की शक्ति प्राप्त है | सेना…


राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां [Legislative powers of President of india]

संविधान के अनुच्छेद 58(1)(2) के अंतर्गत राष्ट्रपति संसद का अधिवेशन आहूत व स्थगित कर सकता है , लोकसभा को भांग कर सकता है, दोनों सदनों में अगर किसी साधारण विधेयक पर गतिरोध हो तो अनुच्छेद 108 के अधीन संसद का संयुक्त अधिवेशन बुला सकता है | राष्ट्रपति साधारण विधेयक को पुर्नविचार के लिए लौटा सकता…


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