छत्तीसगढ़ में व्यक्ति परिचय – पं. माधवराव सप्रे

पं. माधवराव सप्रे महान पत्रकार, विचारक, लेखक तथा स्वतंत्रता सेनानी थे. उनका जन्म मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पथरिया नामक ग्राम में 19 जून सन् 1871 ई. को हुआ था. उनके पिताजी का नाम कोडोपंत तथा माताजी का नाम श्रीमती लक्ष्मीबाई था. उनके पिताजी बिलासपुर आकर बस गए. हाईस्कूल की शिक्षा के लिए पं. माधवराव…


छत्तीसगढ़ में व्यक्ति परिचय – वीर गुण्डाधूर

गुण्डाधूर का जन्म बस्तर के नेतानार नामक गाँव में हुआ था. वे सन् 1910 ई. के आदिवासी विद्रोह के सूत्रधार थे. वे धुरवा जनजाति के थे. सन् 1909-10 ई. में बस्तर में राजा रुद्रप्रताप देव राज करते थे. अंग्रेज सरकार ने वहाँ बैजनाथ पण्डा नाम के एक व्यक्ति को दीवान के पद पर नियुक्त किया…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-11 फणिनाग वंश )

chhattisgarh history notes in hindi –  about funi naag vansh कवर्धा का फणिनाग वंश छत्तीसगढ़ की एक शाखा फणिनाग वंश ने 9 वीं से 15वीं सदी तक कवर्धा के आस पास शासन किया । ये अपनी उत्पत्ति अहि एवं जतकर्ण ऋषि की कन्या मिथिला से मानते है, जिस वजह से इस वंश को अहि-मिथिला वंश…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-10 नागवंश )

Chhattisgarh history notes –  about naag vansh छत्तीसगढ़ में नागवंश की दो शाखाओं का उल्लेख मिलता है :- कवर्धा में फणिनाग वंश  बस्तर में छिंदकनाग वंश  बस्तर में छिंदकनाग वंश :- बस्तर का प्राचीन नाम “चक्रकूट” तो कई उसेे “भ्रमरकूट” कहते हैं।यहाँ नागवंशियों का शासन था। नागवंशी शासकों को सिदवंशी भी कहा जाता था। चक्रकोट…


छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास ( Part-09 सोमवंश )

Chhattisgarh history notes –  about som vansh सोम वंश का शासन छत्तीसगढ़ के कांकेर राज्य में 1125 ई. से 1344 ई. तक था। सिंहराज इस वंश के संस्थापक थे। कुछ इतिहास कार द्वारा माना जाता है की सोम वंश पाण्डु वंश की एक शाखा थी, जो कालांतर में सोमवंश के रूप में कांकेर में स्थापित…


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